युबक ने आर्थिक तंगी के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या की

IndiaBelieveNews
Image Credit: IndiaBelieveNews

उत्तर प्रदेश (इटावा)

दिल्ली से घर लौटे युवक का शव पेड़ पर लटका मिला नौकरी जाने से था परेशान, परिजनों ने आत्महत्या की जताई आशंका

इटावा। उदी बढ़पुरा थाना क्षेत्र के नगला भवानीदास में दो दिन पहले दिल्ली से अपने गांव लौटकर आए एक युवक आर्थिक तंगी के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव सोमवार सुबह गांव के बाहर खेत पर नीम के पेड़ पर लटका मिला। सुबह जब खेतों के लिए निकले गांव वालों ने युवक का शव पेड़ से लटका देखा तो घटना की जानकारी पुलिस व परिजनों को दी। हादसे से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। परिजनों के अनुसार आत्महत्या के पीछे युवक की नौकरी छूट जाने व आर्थिक तंगी की बात सामने आई है। नगला भवानीदास के रहने वाले मृतक युवक के पिता नरोत्तम सिंह ने रोते-बिलखते हुए बताया कि उनका पुत्र दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। शनिवार को वह दिल्ली से घर लौटा था और वह काफी परेशान था। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने कोई जानकारी नहीं दी। रविवार शाम करीब पांच बजे वह घर से बिना बताए कहीं चला गया। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो गांव भर में उसकी तलाश की गई लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि सोमवार की सुबह गांव के कुछ लोग जब खेतों की तरफ गए तो उन लोगों ने पुत्र का शव पेड़ से लटका देखा तो इसकी सूचना प्रधान व उन्हें दी। इस पर जब वह मौके पर पहुंचे तो गांव के बाहर स्थित नरिया के पास नीम के पेड़ पर पुत्र का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ था। यह देखकर परिवारीजन रोने-बिलखने लगे। सूचना पुलिस को दी गई जिस पर थाना प्रभारी निरीक्षक जीवाराम यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल के बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पिता ने बताया कि पुत्र हुकुम सिंह की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। वह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर रहा था। कुछ समय पहले ही उसने किसी कम्पनी में नौकरी ज्वाइंन की थीी लेकिन फिर से नौकरी छूट जाने व घर की आर्थिक स्थिति खराब होने से वह परेशान था। थी। शायद इसी के चलते उसने ऐसा कदम उठाया हो। मृतक अपने भाइयों सुखदेव, छोटे, कल्लन के बाद चौथे नंबर का था। पांचवा राम लखन सभी मेहनत मजदूरी करते हैं और अलग-अलग रहते हैं। पिता के नाम दो बीघा जमीन है। हुकुम की शादी हो चुकी थी। इस समय उसकी पत्नी मायके में थी। हादसे की जानकारी होने पर पत्नी रोते-बिलखते हुए गांव पहुंची। इटावा रिपोर्टर:-राजीव शर्मा

I think all aspiring and professional writers out there will agree when I say that ‘We are never fully satisfied with our work. We always feel that we can do better and that our best piece is yet to be written’.
View all posts

Leave a Reply