अखण्ड सुहाग का पर्व करवाचौथ

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 उत्तर प्रदेश (इटावा) ******************************* "वृष ,मीन राशि वाली सुहागिनें पहनें पीली, मेष, वाली  पहनें लाल साड़ी" --------------------------------------------------- *वृन्दावन के विद्वान आचार्य की सलाह *चंद्रोदय बाद करना होगा20 मिनट इंतजार      ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ जसवंतनगर(इटावा)। अखंड सुहाग की कामना का पर्व करवा चौथ इस बार 4 नवंवर को है।पति की दीर्घायु और परिवार की समृद्धि के इस पर्व का सभी को इंतजार रहता है। इन दिनों महिलाएं इसकी तैयारी में जोरशोर से जुटी है। 

    पर्व के लिए जोरों से खरीद-फरोख्त चल रही है। सुहागिनों के पहनावे में लाल रंग की साड़ी, लाल सिंदूर और लाल रंग की बिंदी का विशेष महत्व है।इसलिए करवा चौथ की खरीद- फरोख्त में लाल साड़ियों, सूटों का ही चुनाव किया जाता है। 

  मथुरा-वृन्दावन के विद्वान ज्योतिषवेत्ता डॉ सर्वेश कुमार शास्त्री ने इस लाल रंग को सुहागिनों का खास रंग तो ठहराया है ही,मगर उन्होंने अपने शास्त्रीय ज्ञान और ब्रजभूमि पंचांग के आधार पर राशि विशेष  अनुसार करवा चौथ के दिन  महिलाओं को वस्त्र पहनने की सलाह दी है।उन्होंने बताया है कि इस पर्व के दिन चंद्र दर्शन और पूजन के समय राशि अनुसार साड़ी, सलवार ,सूट पहनने से सुहागिनों को करवा चौथ व्रत का अपेक्षित और सकारात्मक फल अवश्य ही प्राप्त होगा।   उन्होंने राशि अनुसार रंग बताए हैं और कहा है कि मेष राशि वाली महिलाएं करवा चौथ पर  सुर्ख लाल रंग की साड़ी या सूट धारण करके पूजा करें,गुलाब के फूलों को पूजा में प्रयोग करें। सिंह राशि वाली लाल साड़ी और लाल फूलों के संग, जबकि कर्क राशि वाली गुलाबी साड़ी पहन गुलाबी रंग के चावलों से  भगवान चन्द्रमा की पूजा करें। तुला राशि वाली सफेद कढ़ाई वाली गुलाबी अथवा पीली साड़ी धारण करें। सफेद गुलाब के फूल अर्पित करें।        उन्होंने धनु, वृष एवं मीन राशि वालों को पीला परिधान पहनने और सफेद या गेंदा के पुष्पों से पूजा करने की राय दी है।कन्या, मिथुन राशि वाली सुहागिनों को हरे रंग की साड़ी पहनना चाहिए।उन्हें कोई भी फूल हरी पत्तियों के संग चढ़ाने चाहिए। वृश्चिक राशि वालों को प्लेन वस्त्र पहनना चाहिए और कुमकुम  चढ़ाना चाहिए। मकर राशि वाली कत्थई परिधान पहन उसी रंग के गेंदा फूल पूजन में प्रयोग करें। कुम्भ राशि वाली मेंहरूम रंग के वस्त्र धारण कर नीलकमल के पुष्प से पूजा करें।  आचार्य डॉ सर्वेश शास्त्री ने बताया कि चार नवंबर को 'कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी' है।करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा इस दिन उदिया  तिथि में चतुर्थी रहेगी  चंद्रोदय भी चतुर्थी में हो रहा है ।इटावा के समय अनुसार लगभग 8:00 बज कर 15 मिनट पर चंद्र उदय होगा ।मगर चौथ पर चंद्रोदय होने के कारण सुहागिनों को पूर्ण रूप से चंद्रमा के दर्शन के लिए 20 से 25 मिनट बाद होंगे। उन्होंने  यह भी बताया कि चंद्रोदय के एक घड़ी 24 मिनट के भीतर पूजन करना उत्तम रहेगा ।इस वर्ष अधिमास पड़ने के बाद पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं करवा चौथ का व्रत कर सकती हैं ।पहली बार व्रत के समय जब गुरु और शुक्र अस्त हो जाए ,तब व्रत करने से बचा जाता है। --------

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