कहीं भी सिर्फ पेड़ लगाकर ही न छोड़े बल्कि उसे पूरी जिम्मेदारी से बड़ा भी करे-लेफ्टिनेंट कृष्ण कुमार

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कहीं भी सिर्फ पेड़ लगाकर ही न छोड़े बल्कि उसे पूरी जिम्मेदारी से बड़ा भी करे-

लेफ्टिनेंट कृष्ण कुमा*कार्यक्रम इंचार्ज,ओशन (ऑर्गनाइजेशन फ़ॉर कंजर्वेशन ऑफ इनवायरमेंट एंड नेचर)
प्रवक्ता जवाहर नवोदय विद्यालय हाथरस*

हाथरस* वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता के लिये पिछले कई वर्षों से कार्यरत संस्था ओशन (ऑर्गनाइजेशन फ़ॉर कंजर्वेशन ऑफ इनवायरमेंट एंड नेचर)के कार्यक्रम अधिकारी के पद पर नियुक्त संस्था के माद्यम से  आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कई जगह वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेते हुए ,पर्यावरणविद वन्यजीव विशेषज्ञ एवं जवाहर नवोदय विद्यालय अगसौली हाथरस मैं नियुक्त  राष्ट्रीय सेवा योजना मैं लेफ्टिनेंट रैंक के  शिक्षक कृष्ण कुमार ने सभी पर्यावरण प्रेमियों से निवेदन करते हुये कहा है कि, आज हमे किसी भी जगह सिर्फ पौधे को लगाकर छोड़ना नही है बल्कि हमने जो भी पौधे आज लगाये गये है उनको अब बड़ा करने की भी जिम्मेदारी हम सबकी ही है, तभी यह पर्यावरण दिवस भी सार्थक होगा। क्यों कि,धरती पर पेड़ केवल ऑक्सीजन आपूर्ति हेतु ही न लगाएं बल्कि इन्हें अपने परिवार की तरह ही पुत्र या पुत्री की तरह बड़ा भी करे। फिर आप देखेंगे कि आपकी वृद्धावस्था तक यह आपका लाड़ प्यार से बड़ा किया वृक्ष हमेशा आपका साथ भी निभाएगा। धरती पर मौजूद पेड़ पौधे सिर्फ वृक्ष ही नही है बल्कि ये ईश्वर के एक प्रतिरूप भी है जो आपसे सिर्फ प्यार और श्रद्धा ही चाहते है लेकिन बदले में आपको जीवन भर बहुत कुछ देते ही रहते है।
आप सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
एक वृक्ष सौ पुत्र समाना

आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जवाहर नवोदय विद्यालय अगसौली हाथरस कंप्यूटर विज्ञान के शिक्षक ब लेफ्टिनेंट श्री कृष्णा कुमार जी  प्रोग्राम इंचार्ज  ओसियन संस्था के माद्यम से  वृक्षारोपड़ के कई कार्यक्रम मे भाग लिया  । 
आज विश्व पर्यावरण दिवस पर  विभिन्न परिसरों में 
एक वृक्ष सौ पुत्र समाना अर्थात एक वृक्ष सौ पुत्र के समान है को ध्यान में रखते हुये सहजन, पीपल, बरगद, फायकस, कदम, मोरश्री, आमला, सिल्वर ओक के लगभग सौ पौधे रोपे गये। साथ ही साथ इस अवसर पर प्लास्टिक से बने उत्पादों का किसी भी परिसर में प्रयोग न करने का संकल्प भी लिया गया। लेफ्टिनेंट श्री कृष्णा कुमार जी ने इस अवसर पे बताया कि
विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य है लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना। क्योंकि प्रकृति के बिना मानव जीवन कुछ भी नहीं है। मनुष्य कितना ही लग्जरी जीवन क्यों नहीं जिएं, राहत की सांस, सुकून और शांति वह प्रकृति से जुड़कर ही महसूस करेगा। बदलते दौर में लोगों का प्रकृति के प्रति पे्रम बढ़ा है। लोग अपने घरों की छत पर गार्डनिंग करने लगे हैं, घर पर ही जितनी जगह है उसमें ही पेड़- पौधे लगा रहे हैं, जो फ्रेश ऑक्सीजन  के लिहाज से बेहद जरूरी भी है।विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीम है पारिस्थितिकी तंत्र बहाली। यानी पृथ्वी को एक बार फिर से अच्छी अवस्था में लाना। इस बार उन गतिविधियों पर जोर दिया जाएगा जिससे दुनिया की पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से कायम कर सकें। प्राकृतिक प्रतिक्रियाओं और उभरती हुई हरित तकनीकों पर जोर दिया जाएं।
वो दौर अब आ चुका है कि सभी को पर्यावरण के प्रति अति जागरूक होना चाहिए। उसे जितना कम कष्ट या नुकसान पहुंचाएंगे वह उतना शांत रहेगी। प्राकृतिक चीजों का सम्मान करना जरूरी हो गया है। कूड़ा करके प्रकृति को किसी भी प्रकार से गंदा नहीं करें। साइकिल का इस्तेमाल करें। यह प्रकृति और सेहत दोनों के लिहाज से अच्छा है।आप सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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