धनौरी नेशनल इंटर कॉलेज में नियमविरूद्ध सदस्य बनाये जाने के मामले जांच शुरू- शिकायतकर्ताओं ने लगाए हैं गम्भीर आरोप..

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धनौरी।धनौरी के नेशनल इंटर कालेज की प्रबन्ध समिति में आजीवन सदस्य बनाने को लेकर क्षेत्रवासियों ने प्रबन्ध समिति पर घोर धांधलियां बरतने का आरोप लगाया है।तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर उक्त प्रकरण की जांच करने की मांग की हैं।मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए रुड़की के खंड शिक्षा अधिकारी राममिलन को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया है।खंड शिक्षा अधिकारी राममिलन ने धनौरी के नेशनल इंटर कालेज की प्रबन्ध समिति की सदस्य बनाने की जांच शुरू कर दी हैं।धनौरी क्षेत्र के पूर्व प्रधान यशपाल सिंह व पूर्व प्रधान जोधराज सिंह ने हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि धनौरी के नेशनल इंटर कालेज की प्रबन्ध समिति ने जो आजीवन सदस्य बनाये हैं।उसमें नियमो की पूर्णरूप से अनदेखी की गई हैं।उन्होंने बताया कि नेशनल इंटर कालेज की प्रबन्ध समिति ने कोई बैठक नही की न ही कोई एजेंडा निकाला और न ही किसी समाचार पत्र में विज्ञापन निकलवाया गया है।इन सभी तथ्यों को छिपाते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी से प्रबन्ध समिति के आजीवन सदस्य बनाने की लिए अनुमोदन प्राप्त कर लिया था।जबकि सच्चाई यह है कि सन 2007 में कालेज के वर्तमान प्रबन्धक इशांत को जब कालेज की प्रबन्ध समिति का सदस्य बनाया गया उस समय उसकी उम्र करीब13 साल थी। जबकि नाबालिक को कालेज का सदस्य किसी भी सूरत में नियुक्त नही किया जा सकता हैं।पांच पांच हजार रुपये कालेज को चंदा देने वालो को ही प्रबन्ध समिति के सदस्य बना दिए गए।जबकि प्रबन्ध समिति में संरक्षक आजीवन सदस्य के लिए एक हजार रुपये की फीस वसूलने का नियम है।तथा पांच सौ रुपये आजीवन व संस्था की सौ रुपये की रशीद कटवाने पर दो साल के लिए साधारण सभा का सदस्य बनाने का नियम हैं।कालेज की प्रबन्ध समिति ने धारा 39 व 40 अनुसूची (2) का भी पूर्णरूप से उलंघन किया गया हैं।इसके तहत किसी भी खून के रिस्तेदार को कालेज की प्रबन्ध समिति का सदस्य नही बनाया जा सकता हैं।इस बावत हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉक्टर आनन्द भारद्वाज ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए रुड़की के खंड शिक्षा अधिकारी राममिलन को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।कालेज की प्रबन्ध समिति की जांच शुरू हो चुकी।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेशनल इंटर कालेज की प्रबन्ध समिति में सदस्य बनाने को लेकर प्रारम्भिक जांच में ही गम्भीर खामियां पाई गई है।

 

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