डॉ0 भीमराव अम्बेडकर का 130वाँ जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया गया

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आज दिनांक 14.04.2021 को जवाहर नवोदय विद्यालय अगसौली   में डॉ0 भीमराव अम्बेडकर का 130वाँ जन्मदिन बड़ी धूमधाम से कोविड-19 प्रोटोकाॅल एवं गाइडलाइन का अनुसरण करते हुए मनाया गया।  कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रधानाचार्य श्री मति दयाल प्यारी कुलश्रेष्ठा द्वारा डॉ0 अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया 
इस अवसर पर  प्राचार्य महोदया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ0 भीमराव अम्बेडकर के जीवन दर्शन से हमें सीख लेनी चाहिए। जिसमें स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा, विज्ञानवाद, मानवतावाद, सत्य और अहिंसा पर जोर दिया गया। भारतीय संविधान में निहित अधिकारों और मौलिक हकों की रक्षा करना, एक नैतिक तथा जातिमुक्त समाज की रचना करना अम्बेडकर दर्शन के मुख्य आधार हैं। समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने के लिए डॉ0 अम्बेडकर द्वारा समाज को शिक्षित बनाए जाए तो स्वतः ही कुरीतियों पर अंकुश लगता है। डॉ0 अम्बेडकर प्रमुख अर्थशास्त्री भी थे, इनके द्वारा औद्यौगिकीकरण और कृषि विकास से भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है। उन्होंने भारत में प्राथमिक उद्योग के रूप में कृषि में निवेश पर बल दिया। जिससे वर्तमान में खाद्यान्नों पर आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना साकार हुई। 
‘‘समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे गवर्निंग सिद्धांत के रूप में स्वीकार करना होगा।’’ उक्त विचार डॉ0 अम्बेडकर की दूरदृष्टिता का परिचायक थे। इससे सरकारों ने समता मूलक समाज की स्थापना की और विकास अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। डॉ0 अम्बेडकर ने समाज के विकास को ‘‘शिक्षित बनो, संगठित रहो’’ मूलमंत्र दिया। इनका जीवन संघर्ष से ओत प्रोत रहा है। हमेशा गरीबी के लिए लड़ते रहे हैं और अपनी विचारधारा से ही सरकारों की विचारधारा तय करवाई और समता मूलक समाज के लिए मील के पत्थर साबित हुए। कार्यक्रम के अंत मे विद्यालय की उपप्राचार्य श्री मति रेखा शर्मा द्वारा सभी का धन्यबाद ज्ञापित किया गया।
इस अवसर पर कृष्णा कुमार कंप्यूटर शिक्षक, अभुदय एफसीएसअ, रेनू धारीवाल, वीना श्रीवास्तव एवम आशीष कुमार , रेशम पाल प्रुमुख रूप से  उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री अरविंद जी, प्रवक्ता(हिंदी) ने किया।

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