ग्रामीण आबादी क्षेत्र स्वामित्व योजना के अंतर्गत 15 राजस्व गांव में ड्रोन सर्वे किया

IndiaBelieveNews
Image Credit: IndiaBelieveNews

   उप जिलाधिकारी ज्योत्सना बंधु और तहसीलदार रामानुज के निर्देशन में गांव गांव में जब ड्रोन लेकर अधिकारी कर्मचारी पहुंचे तो लोगों के लिए कौतूहल था और बार-बार इसकी जानकारी ले रहे थे। क्षेत्रीय लेखपाल अनूप कुमार यादव रजमऊ, वीरेंद्र कुमार बनकटी, माजिद हुसैन बीरमपुर, राघवेंद्र प्रताप सिंह सियापुर इटगांव, अरुण यादव मलाजनी सहित कुल पांच लेखपालों को टीम संख्या एक में रखा गया जिन्होंने उक्त पांच राजस्व गांव में ड्रोन सर्वे कराया। अगले दिन विशाल गुप्ता उतरई, नगेंद्र सिंह भैसान, शमशेर बहादुर रायनगर, मनीष दुबे कैलोखर, राजेश कुमार कुंजपुर टीम संख्या दो में शामिल थे। इसी तरह शुभ्रा दुबे सोनई, अनूप कुमार यादव जैतिया, मंदीप श्रीवास्तव बिचपुरी, वीरेंद्र कुमार सैदपुर, पंकज चतुर्वेदी हजरतपुर को लेकर तीसरी टीम गठित की गई थी। सभी लेखपालों ने अपने अपने क्षेत्र के राजस्व गांव में पूरे गांव की गलियों व सड़कों पर चूना डलवाया था ताकि ड्रोन सर्वे में दूर से स्पष्ट दिखाई दे सके।
            बताया गया है कि सर्वे के बाद प्रत्येक निर्विवादित स्थल घर, स्कूल, कॉलेज, मंदिर इत्यादि के क्षेत्रफल समेत नंबरिंग की जाएगी और विवादित स्थल को नंबरिंग के साथ अलग सूची में रखा जाएगा एवं न्यायालय आदेश पर बाद में उन्हें दर्ज किया जा सकेगा। कुछ माह पूर्व अधिकारियों ने लगातार चौपालें लगाकर ग्रामीणों को उनके स्वामित्व यानी घरौनी पढ़कर सुनाईं थीं और निर्विवाद मृतकों की विरासतें दर्ज कराई गईं थीं। इसका सबसे बड़ा फायदा पट्टेदारों के बीच विवाद समाप्त होने के साथ ही घरों का मालिकाना हक मिलने से उन पर बैंक लोन आदि भी मिल सकेगा। यह भी कहा गया है कि यदि अभी भी कोई समस्या है तो उसके लिए तहसील अथवा जिला मुख्यालय पर संपर्क किया जा सकता है।

I think all aspiring and professional writers out there will agree when I say that ‘We are never fully satisfied with our work. We always feel that we can do better and that our best piece is yet to be written’.
View all posts

Leave a Reply