162 वर्षीय विश्व प्रसिद्ध रामलीला की परंपरा को कोरोना ने एक दिन में समेटा

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उत्तर प्रदेश इटावा :- राज्याभिषेक के साथ भगवान राम और शिवपाल के हाथों कोरोना राक्षस का बध      

डोले पर सवार सीता और चारों  भाई पहुंचे  

 राम की श्रद्धालुओं ने की आरती ----------------------------------------    

 जसवंतनगर। विश्वप्रसिद्ध और यूनेस्को द्वारा प्रथम घोषित जसवंतनगर की ऐतिहासिक मैदानी रामलीला कोरोना की भेंट चढ़ गई। कुल मिलाकर 165 वर्ष का इतिहास अपने मे समेटने वाली यह रामलीला 1857 और 1858 में विश्वयुद्ध के चलते नही हुई थी। इस वर्ष करीब 15 दिन तक हर वर्ष होने वाला रामलीला महोत्सव रविवार को केवल एक दिन यानि कुछ घंटे में ही  सम्पन्न कर दिया गया। 

        इन घण्टों में राम लक्ष्मण का डोला उठाया गया। राजगद्दी स्थल पहुंचा,वेदमंत्रोच्चार के साथ भगवान राम का राज्याभिषेक किया गया और फिर उस कोरोना दैत्य का बध भगवान राम और क्षेत्रीय विधायक और प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने वाण छोड़कर किया, जिसकी वजह से पूरा विश्व संकटग्रस्त है। इस तरह रामलीला महोत्सव काआयोजन नही हो सका, केवल प्रतितात्मक हुआ।

         रविवार 18 अक्टूबर के दिन को शायद ही जसवंतनगर वासी अपने दिलोदिमाग से निकाल सकें। यह वो मनहूस ही दिन  माना जायेगा,  जिस दिन लोग अश्रुपूरित नेत्रों से केवल राम लक्ष्मण सीता के दर्शन ही कर सकें और 15 दिन चलने वाली लीलाएं नही निहार सके। 

   कोरोना प्रोटोकॉल और यहां रामलीला में जुटने वाली लक्खी भीड़ के मद्देनजर राम लीला समिति इस वर्ष आयोजन करने में असहाय हो गयी थी। फिर भी समित के अध्यक्ष अजय लम्बरदार, प्रवन्धक राजीव गुप्त बबलू और अन्य कार्यकर्ताओं ने एक  दिनी आयोजन का बीड़ा उठाया।       इस आयोजन की शुरूआत परंपरागत रूप से नरसिंह मंदिर में राम आदि पात्रों के राजसी श्रृंगार के साथ हुई। भोग समाजसेवी पत्रकार वेदव्रत गुप्ता ने पात्रों का लगाया। इसके बाद 8 कहार, चारों भाई और सीता  एवम गुरु वशिष्ठ को डोले पर बैठाकर चौक स्थित राजगद्दी स्थल बैंडबाजे के साथ लेकर पहुंचे। खुद उपजिलाधिकारी ज्योत्स्ना बन्धु, सी ओ रमेश चंद्र, तहसीलदार रामानुज और समिति के व्यवस्थापक अजेंद्र सिंह गौर ने डोले की आगवानी पुष्प वर्षा और आरती से की ।  गोवर्धन से पधारे संतमण्डली ने भजनों से राजतिलक लीला का माहौल बनाया। इस अवसर पर अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ वाई पी सिंह, लवकुश द्विवेदी, अभय सिंह आदि भी पधारे थे।

    प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव हर वर्ष की भांति  जैसे ही रामलीला के प्रारम्भ के इस कार्यक्रम में पधारे। भगवान राम का राज्यभिषेके गुरु वशिष्ठ द्वारा शुरू किया गया।  शिवपाल ने भी भगवान का राजतिलक कर आशीर्वाद लिया।जुटी भीड़ बराबर राजा रामचन्द्र की जय के नारे लगती रही।     राज्यभिषेक के कार्यक्रम को संबोधित करते भावविह्वल होगये शिवपाल सिंह ने कहा कि यह सरकार की विफलता है कि हम सात महीने बीत जाने के बावजूद कोरोना से पल्ला नही छुड़ा पाए। जसवंतनगर की रामलीला  को हम सब मिस कर रहे। लोग भी दुखी है कि वह राम की लीलाओं से वंचित हो गए हैं।        शिवपाल सिंह के संबोधन के बाद राज्यभिषेक मंच के सामने 20 फुट की ऊंचाई पर लगाये गए 4 फुट व्यास के कोरोना  रूपी रावण पर भगवान राम और शिवपाल सिंह ने  वाण छोड़े। जिन्हें छोड़ते ही कोरोना का पुतला पटाखों की गूंज के साथ धू धू कर जल उठा। राम की जयजयकार और कोरोना का नाश हो, के नारे गूंज उठे।     इस अवसर पर प्रसपा अध्यक्ष राहुल गुप्ता, प्रो0 ब्रजेश चंद्र यादव, महावीर सिंह यादव, संयोजक अजेंद्र सिंह गौर , हीरालाल गुप्ता, राम नरेश यादव पप्पू, राज पाल सिंह यादव , विनय पांडेय, रतन शर्मा,   सुव्रत गुप्ता, आदि व्यवस्था में रहे।    -------- रिपोर्टर:-वेदव्रत गुप्ता

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