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घाघरा में बैराजों व पहाड़ी नालों से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, एल्गिन चरसडी बांध के लिए दहशत

गोण्डा।  घाघरा में बैराजों व पहाड़ी नालों से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जो शनिवार को क्षेत्र के लोगों एंव एल्गिन चरसडी बांध के लिए सामत बन सकता है। लगातार हो रही बारिश के चलते बैराजों का डिस्चार्ज शुक्रवार को फिर से बढ़त बनाये हुए है। जिससे पहले से ही उफनाई घाघरा में शनिवार शाम तक उफान आने की संभावना प्रबल हो गयी है। पहले से ही खतरे के निशान से करीब 35 सेटीमीटर ऊपर बह रही घाघरा नदी तेज बहाव के साथ एल्गिन चरसड़ी तटबंध पर बांसगांव के पास ठोकरे मारने के साथ सकरौर भिखारीपुर रिंगबांध पर गुड़हन पुरवा के पास करीब एक किलोमीटर के दायरे में ठोकरें मारने लगी है। ग्रामीणों के अनुसार नदी अब कटान भी करने लगी है। नदी के तेज बहाव से बाढ़ का पानी निचले हिस्सों में बसे गांवों में घुसने लगा हैं। बांध पर तैनात अधिशासी अभियंता एमके सिंह ने बताया कि बांध पर चल रही परियोजनाओं व मरम्मत कार्य समय पर करा लेने से दोनों बांधो को कोई खतरा नहीं है। नकहरा के मजरों सहित मांझारायपुर में पानी घुस चुका है। सिंचाई विभाग के दावों से परे एल्गिन चरसड़ी बांध पर बड़े बड़े रैनकट बने हुए है।
जो कभी भी खतरे का कारण बन सकते है। नकहरा गांव सहित मांझारायपुर के घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। लोग अपने सामान व परिजनों के साथ बांध पर आश्रय लिए हुए है। यहां के लोगों ने बताया कि अभी तक उन्हे कोई सरकारी सहायता नहीं मिल पायी है।
इधर केद्रीय जल आयोग संस्थान एल्गिन ब्रिज घाघराघाट से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार 12 बजे तक शारदा, गिरिजा व सरयू बैराजों का कुल डिस्चार्ज बढ़कर 3 लाख 6 हजार 353 क्यूसेक तक जा पहुंचा है। जो अपना असर शनिवार की शाम से दिखाना शुरू कर देगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 60 सेंटीमीटर से भी ऊपर तक जा सकता है। इधर जल स्तर में आ रही गिरावट में फिर से बढ़ोत्तरी शुरू हो चुकी है।अब नदी का जल स्तर 106 दशमलव 426 पर पहुंच चुका है। नदी के इस बदलते रूख को देखकर बांसगांव व सकरौर भिखारीपुर रिंगबांध की जद मे बसे गांवो में दहसत का माहौल है।



देवीपाटन मंडल ब्यूरो:- जी के श्रीवास्तव

access_time10 Jul 2020 10:07 AM


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